उन्होंने कहा कि आज भी अगर कोई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में हैं और वह छुटा हुआ है, तो उसे राशन कार्ड मिलेगा। इसके लिए लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत छूटे हुए लोगों का आवेदन लिया जाएगा। राज्य के कई जिले में पीडीएस डीलर्स की रिक्तियां हैं, इसके लिए जिला प्रशासन को नए लाइसेंस निर्गत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव ने बताया कि राशन वितरित करने की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड है। हर ट्रक की जीपीएस ट्रैकिंग लगातार होती रहती है। आधार ऑथेंटिकेशन के बाद अब कोई दूसरे का अनाज नहीं उठा सकता है। विभाग का अगला कदम राशन वितरण में अनाज के वजन को सुनिश्चित करना है, ताकि सही मात्रा में लाभुक परिवारों को अनाज मिले।
उन्होंने कहा कि पिछले माह राज्य में एक करोड़ 40 लाख राशन कार्ड के विरुद्ध अनाज वितरण किया गया। सभी कार्डधारियों ने अपने अंगूठे के निशान के साथ-साथ बायोमैट्रिक सत्यापन भी किया। वन नेशन, वन राशन कार्ड में बिहार शामिल है। बिहार के कई लोग दूसरे राज्यों में तथा दूसरे जिले में अपने राशन कार्ड का प्रयोग कर अनाज ले रहे हैं।





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