ARYA NEWS LIVE

लाइव आर्या एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के द्वारा खबरों को आप तक पहुचाने का काम करती है। ये फेसबुक, ब्लॉग और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म से आप तक सटीक खबर पहुचती है।

Header Ads Widget

Responsive Ads Here

Wednesday, June 23, 2021

जनसंख्या नियंत्रण कानून: गिरिराज सिंह के बाद पूर्व सांसद आर के सिंहा ने भी सख्त कानून पर आलापा राग


जनसंख्या नियंत्रण कानून की बहस एक बार फिर से शुरु हो गई है। जिसके कारण राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है। बिहार की राजनीतिक गलियों इस बार इस बहस को हवा दी बीजेपी के गिरिराज सिंह ने भाजपा के फायर ब्रांड कहे जाने वाले गिरिराज सिंह हर बार जनसंख्या वृद्धि को रोकनें के लिए सख्त कानून की मांग की है। उन्होंने अपने हाल के बयानों में भारत की जीडीपी और चीन की जीडीपी की तुलना भी कर दी थी। उन्होंने कहा था कि 70 के दशक में भारत की जीडीपी चीन की जीडीपी से अधिक थी पर बाद में चीन ने अपने देश मे जनसंख्या नियंत्रण कानून लाकर अपने आपको काफी बेहतर बनाया जिससे अब वो भारत से आगे चला गया है अब उसकी जीडीपी भारत से तिगुनी है। 

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को भी एक सख्त कानून की जरूरत है जिससे वो भी अपनी जीडीपी को बेहतर बना कर आगे बढ़ सके वरना देश विकास व सामाजिक समरसता में पिछड़ रहा है। 

वही अब भाजपा के संस्थापक सदस्य और पूर्व सांसद आर के सिन्हा का भी साथ गिरिराज सिंह को मिलने लगा है। सांसद सिंहा भी अब जनसंख्या नियंत्रण पर एक सख्त कानून लाने का राग अलापने लगे हैं। उन्होंने भारत मे 1 बच्चे का कानून लाने की वकालत कर दी है। 

सांसद सिन्हा ने अपने जमाने  की तुलना आज से करते हुए कहा कि एक ज़माना था जब हमारे पास काफी संसाधन थे तो हम कई बच्चे पैदा कर लेते थे। हमे उस वक्त किसी बात की परवाह नही होती थी। न हवा की न खाने की न पीने की पर जैसे जैसे वक्त बदला वैसे वैसे साधन काम होते गए पर जनसंख्या में वृद्धि होती रही। 

उन्होंने कहा कि वो खुद आठ भाई बहन है। पर जैसे ही उनका जमाना आया तो देश मे हम दो हमारे दो का नारा लगा। कुछ लोगो ने इस नारे का महत्व समझा पर कुछ लोगो ने नही समझा और क्रिकेट टीम बनाने में लगे रहे। उन्होंने कहा कि वो खुद दो बच्चों के पिता है। पर अब ज़माना दो बच्चो का भी नही रहा अब वक्त एक बच्चे का है। 

उन्होंने कहा कि अब जमाना यह आ गया है कि हम चीन की तरह दो पति - पत्नी मिलकर एक ही बच्चा पैदा करें। बेटा - बेटी एक समान होते हैं। अगले 50 वर्षों तक तो कम से कम यही होना चाहिए , जब तक कि जनसंख्या घटने न लगे।

No comments:

Post a Comment

Thanks 4 your comment