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Thursday, July 09, 2020
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे आखिरकार शुक्रवार की सुबह पुलिस की गोलियों का शिकार हो गया। विकास दुबे को कानपुर की STF टीम ने उस वक़्त मारा जब वो गाड़ी पलट जाने पर भागने की कोशिश करने लगा। मध्यप्रदेश के उज्जैन से कानपुर ला रही यूपी STF की काफिले की गाड़ी आज सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा कानपुर टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर दूर हुआ। जब यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर जैसे ही कानपुर पहुंची, वह गाड़ी में सुरक्षाकर्मियों की पिस्टल छीनने लगा। इसी बीच संतुलन बिगड़ने के बाद गाड़ी पलट गई। गाड़ी पलटते ही विकास पुलिस पर फायरिंगकर भागने लगा।
इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भी अपने बचाव में गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में चली गोलियों से विकास दुबे काफी गंभीर रूप से घायल हो गया। जब सुरक्षाकर्मी की टीम उसे लेकर अस्पताल पहुँची तो डाक्टरों ने जाँच के दौरान ही उसे मृत पाया। इस हादसे में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
गौरतलब हो कि विकास दुबे को गुरुवार की सुबह ही मध्य प्रदेश के उज्जैन की महाकालेश्वर मंदिर से ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गोलीकांड के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सात दिनो की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद एमपी की पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन कोर्ट में पेश कर देर शाम यूपी एसटीएफ की टीम को सौंप दिया था।
विकास के 5 अन्य करीबी भी पुलिस एनकाउंटर में हुए ढेर
अबतक विकास दुबे के पांच करीबी साथी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं जबकि दो अन्य साथी दयाशंकर कल्लू और श्यामू वाजपेयी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए साथियों के नाम हैं- प्रेम प्रकाश (विकास दुबे का मामा), अतुल दुबे (विकास दुबे का भतीजा), अमर दुबे (विकास दुबे का राइड हैंड), प्रभात और प्रवीण उर्फ बउवा। इसके साथ ही वारदात में शामिल 14 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। सीओ, एसओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में विकास समेत 18 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद 15 लोगों के और नाम सामने आए हैं। इन सभी के नाम भी एफआईआर में बढ़ाए जाएंगे। विकास पर पांच लाख और इन सभी पर फरार अपराधियों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।








