Thursday, July 15, 2021
Wednesday, August 05, 2020
Wednesday, July 29, 2020
मॉस्को, एएनआइ। दुनियाभर में कई कंपनियां व यूनिवर्सिटी कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। लोग कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सबकी नजरें दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन के आने पर टिकी हैं। रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन लाने का प्लान बना लिया है। इसको लेकर रूस तैयारी कर रहा है। सीएनएन के मुताबिक दुनिया के कई देश फिलहाल कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, इस बीच रूस 10 अगस्त तक दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दिलाने की कोशिशों में जुट गया है। रूस ने इसको लेकर खास रणनीति तैयार की है।
सोवियत संघ द्वारा दुनिया के पहले उपग्रह के 1957 के प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए रूस के संप्रभु धन कोष के प्रमुख किरिल दिमित्रिव(Kirill Dmitriev) ने कहा है कि यह एक विशेष क्षण है। गौरतलब है कि रूस का संप्रभु धन कोष(Sovereign Wealth Fund), कोरोना वैक्सीन की फंडिंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को आश्चर्य हुआ जब उन्होंने स्पुतनिक के बीपिंग के बारे में सुना। कोरोना वैक्सीन के साथ भी ऐसा ही है। रूस यहां भी पहले पहुंचेगा।
सीएनएन ने यह भी बताया कि रूस आने वाले 10 अगस्त तक वैक्सीन को मंजूरी देने की योजना बना रहा है, जिसे मॉस्को स्थित गैमलेया संस्थान(Gamaleya Institute) ने बनाया है। रूस ने कथित तौर पर कहा है कि एक बार वैक्सीन के सार्वजनिक उपयोग के लिए मंजूरी मिलने के बाद इसे पहले फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को दिया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार रूस की कोरोना वैक्सीन को अपना दूसरा चरण पूरा करना बाकी है, जबकि दुनिया भर में शोध किए जा रहे कुछ अन्य वैक्सीनों का ट्रायल तीसरे चरण में है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कथित तौर पर कहा है कि सैनिकों ने मानव ट्रायलों में स्वेच्छा से भाग लिया है। परियोजना के निदेशक अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग को यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि उन्होंने पहले ही टीका के साथ खुद को इंजेक्शन लगा लिया है।
Saturday, February 16, 2019
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रियाद। सऊदी अरब में एक छह वर्ष के बच्चे का बेदर्दी से उसकी मां के सामने ही सिर कलम करने का मामला सामने आया है। इस बच्चे की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह इस्लाम के गलत संप्रदाय के साथ था। यह बच्चा अपनी मां के साथ पैंगबर मोहम्मद की दरगाह मदीना आया हुआ था। इस बच्चे का नाम जकारिया अल जाबेर है और द मिरर यूके की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे की हत्या कांच से गला रेतकर की गई है। जिस समय बच्चे की हत्या हो रही थी उसकी मां बिलख रही थी और वह चीख-चीख कर बच्चे को छोड़ देने के लिए कह रही थी। लेकिन हत्यारे का दिल न तो बच्चे की मासूम शक्ल देखकर पिघला और न ही मां का बिलखना देखकर।
सिर्फ शिया मुसलमान होने की वजह से हत्या
मिरर की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मदीना में जब मां और बेटा पैंगबर मोहम्मद की दरगाह से लौट रहे थे तभी उनसे एक शख्स ने पूछा कि क्या वे दोनों शिया संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं? इस पर मां ने जवाब दिया, 'हां।' जवाब सुनने के बाद वह शख्स पहले तो वहां से चला गया। कई मिनटों बाद वह शख्स लौटा और उसने जकारिया को मां से छीन लिया। यह शख्स तब तक जकारिया की गर्दन पर कांच की शीशी से हमला करता रहा जब तक उसका सिर धड़ से अलग नहीं हो गया। उसकी मां इस पूरे घटनाक्रम में बिल्कुल असहाय महससू कर रही थी और लगातार बच्चे को छोड़ देने के लिए मिन्नतें कर रही थी।
सऊदी अरब में सुन्नी मुसलमानों की संख्या ज्यादा
सऊदी अरब सुन्नी बहुल देश है और यहां पर तीन चौथाई संख्या सुन्नी मुसलमानों की है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सऊदी अरब में शिया मुसलमानों के अलावा दूसरे धर्मों में आस्था रखने वाले लोगों की भी हत्या कर दी जाती है। वॉशिंगटन स्थित शिया राइट्स वॉच का कहना है कि अभी तक इस घटना में किसी ने भी हस्तक्षेप नहीं किया है और न ही किसी अथॉरिटी की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है।
लगातार शिया मुसलमानों पर हमले
सऊदी शिया समुदाय इस बच्चे की हत्या के बाद एक साथ आया और उसने बच्चे के लिए अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं। सऊदी शिया समुदाय का कहना है कि उन पर देश में लगातार हमले हो रहे हैं। यह नई घटना इन हमलों में नया मामला है। सऊदी शिया समुदाय के कई लोगों पर मिलिट्री एक्शन लिया गया है और कई लोग इस समय जेल में हैं। वहीं कुछ लोगों को मौत की सजा तक दी गई है।
सोशल मीडिया पर कैंपेन
स्थानीय मीडिया की मानें तो महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए हमलावर को खींचने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रही और नीचे गिर गई। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। नन्हे जकारिया की हत्या से आहत लोगों ने सोशल मीडिया पर #JusticeforZakaria नाम से कैंपेन भी शुरू कर दिया है।
Source: OneIndia
Sunday, February 10, 2019
हर कोई चाहता है कि उसके पास भी हीरे के आभूषण हो। लेकिन हर कोई यह ख्वाहिश पूरी नहीं कर पाता। ऐसी ही एक इच्छा ब्रिटेन की एक महिला की भी थी, जिसके पास हीरा खरीदने के पैसे नहीं थे, तो उसने नकली हीरे की अंगूठी खरीद ली। उस महिला ने 3 सालों तक उस अंगूठी को पहना। लेकिन जब उसे अंगूठी के बारे में सच्चाई पता चली तो उसको यकीन नहीं हुआ।
महिला ने बताया कि वो आर्टिफिशियल हीरे की अंगूठी खरीद लाई और उस अंगूठी की कीमत 850 रूपये थी। उसे अंगूठी पहनकर काफी अच्छा लगा। उसने 30 सालों तक अंगूठी पहनी। 30 साल महिला ने एक व्यक्ति को अंगूठी बेचने के लिए संपर्क किया। उस व्यक्ति ने जब अंगूठी देखी तो उसने महिला से अंगूठी बेचने का कारण पूछा।
महिला ने उस व्यक्ति को बताया कि उसमें लगा नग नकली है और वह अंगूठी बेचना चाहती है। लेकिन उस जौहरी ने जब महिला को बताया कि वह नकली नहीं असली हीरे की अंगूठी है, तो महिला के होश उड़ गए और उसको चक्कर भी आ गया। थोड़ी देर बाद महिला को जौहरी ने बताया कि उसकी अंगूठी 26.27 कैरेट डायमंड की बनी हुई है। इसके बाद महिला के हीरों के एक्सपर्ट के पास पहुंची और उसने उसे हीरे की अंगूठी नीलाम करने की सलाह मिली।
बाद में पता चला कि यह हीरा बहुत पुराना है और इस हीरे की नीलामी में 6 करोड़ की बोली लगी। महिला को सभी टैक्स चुकाने के बाद 850 रूपये की कीमत में खरीदी हुई अंगूठी के 4.5 करोड़ रुपए मिल गए।
Input: Thedesiawaaz News









