ARYA NEWS LIVE

लाइव आर्या एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के द्वारा खबरों को आप तक पहुचाने का काम करती है। ये फेसबुक, ब्लॉग और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म से आप तक सटीक खबर पहुचती है।

Header Ads Widget

Responsive Ads Here
Showing posts with label Nitish Kumar. Show all posts
Showing posts with label Nitish Kumar. Show all posts

Thursday, July 15, 2021

Bihar News: अनुकंपा में नौकरी पाने वालों के लिए आई यह बड़ी खबर, बिहार सरकार ने बदले यह नियम


Bihar News: अनुकंपा में नौकरी पाने वालों के लिए आई यह बड़ी खबर, बिहार सरकार ने बदले यह नियम

बिहार डेस्क

अनुकंपा पर नौकरी पाने वालों के लिए बिहार सरकार (Bihar Government) की ओर से एक बड़ी खबर सामने आई है। बिहार सरकार (Bihar Government) ने अनुकंपा पर होने वाली नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार ने अनुकंपा वाली बहाली पर अधिकतम संख्या की सीमा को समाप्त (Max Number Exhausted) कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब बहाली जरूरत के हिसाब से की जाएगी। सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। गुरुवार को सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला गजट में भी प्रकाशित कर दिया गया है।

दरअसल सरकारी विभागों में सीट निर्धारित होने के कारण कई आश्रितों को नौकरी पाने के लिए एक लंबा इंतजार करना पड़ता था। यह समस्या बिहार सरकार के नज़र में कई दिनों से थी जिसका निवारण अब सरकार ने कर दिया है।

यही नहीं समाहरणालय लिपिकीय सेवा नियमावली सहित विभागों के नियंत्रण वाली लिपिकीय सेवा में अनुकंपा पर बहाली के लिए प्रावधान भी अलग-अलग तय किए गए थे। सरकार के पास यह मामला लंबे समय से विचाराधीन था कि सभी के लिए एक तरह का प्रावधान लागू किया जाए। सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार लिपिकीय पदों पर अनुकंपा के माध्यम से होने वाली नियुक्ति में उपलब्ध पदों के प्रतिशत का बंधन पूरी तरीके से खत्म कर दिया गया है, जो नई व्यवस्था लागू की गई है, उसके अनुसार सेवाकाल में किसी कर्मचारी के निधन होने की हालत में उसके आश्रित को निम्न वर्गीय लिपिकीय सेवा में सीधे तौर पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए आयोग की सिफारिश की भी बाध्यता नहीं होगी। इस प्रक्रिया के तहत भरे जाने वाले पदों के बाद शेष पदों के लिए ही आयोग के पास रिक्तियां भेजी जाएगी।

पटना हाईकोर्ट की सलाह पर किया बदलावा

अप्रैल महीने में लापता सरकारी सेवकों के आश्रितों को राज्य सरकार द्वारा बड़ी राहत देने की बात सामने आई थी। अब वे अपने स्वजन के लापता होने की तारीख से 12 वर्ष बाद तक अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसकी प्रति मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों के अलावा प्रमंडलीय आयुक्तों को भी दी गई है। सरकार ने लापता सेवकों को नौकरी देने के मामले में यह बदलाव पटना हाईकोर्ट की सलाह पर किया है। यह प्रभावी भी हो गया है।


Sunday, April 18, 2021

कोरोना की वजह से बिहार में नाइट कर्फ्यू का ऐलान, 15 मई तक स्कूल बंद; जानें और क्या पाबंदियां


बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नीतीश कुमार सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना से बचाव के लिए तमाम उपायों पर चर्चा की है। आज राज्य में 8,690 नए मामले मिले हैं। पिछले साल की तरह कोरोना संक्रमित मरीज मिलने वाले एरिया को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।
अस्पतालों में ऑक्सीजन मुहैया कराई जाएगी। सभी तरह की दवा का इंतजाम किया जाएगा। होम आइसोलेशन में रहने वालों की मॉनिटरिंग की जाएगी। डेडिकेटिड कोविड हेल्थ संटेर बनेगा। स्वास्थ्यकर्मियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। अनुमंडल स्तर पर क्वारंटाइन बनाया जाएगा।

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में 15 मई तक सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस अवधि के दौरान किसी भी तरह की परीक्षा नहीं ली जाएगी। सभी सिनेमा हॉल, मॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल, पार्क और उद्यान 15 मई तक बंद रहेंगे।

सूबे में रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू रहेगा। रेस्टारेंट, ढाबा और भोजनालय में बैठकर खाने पर प्रतिबंध रहेगा। रात्रि 9 बजे तक ही होम डिलीवरी का संचालन होगा। शाम को सात बजे तक ही खुली रहेंगी सब्जी की दुकानें।

सरकारी एवं निजी कार्यालय 5 बजे तक बंद हो जाएंगे। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह के सरकारी एवं निजी आयोजन पर रोक रहेगी। यह शादी और श्राद्ध कार्यक्रम पर लागू नहीं होगा। वहीं, दफन और दाह संस्कार के लिए सिर्फ 25 लोगों की अनुमति होगी।
श्राद्ध और शादी कार्यक्रम में सिर्फ 100 लोग तक अनुमति होगी। वहीं, मोहल्लावार दुकानें खोलने की अनुमति होगी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा। भीड़-भाड़ वाले मंडियों को बड़े इलाकों में स्थान्तरित किया जा सकेगा।

नगर क्षेत्र एवं प्रखण्ड मुख्यालय में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धारा 144 लगाई जा सकती है। आवश्यक सेवाओं परिवहन, बैंकिंग, डाक, स्वास्थ्य सेवा, मेडिसिन स्टोर, फायर, पुलिस, एम्बुलेंस आदि में छूट रहेगी।

Input: livehindustan.com

Monday, April 05, 2021

Earthquake: बिहार समेत देश के कई राज्यो में आये भूकंप के झटके, रिएक्टर स्केल पर मापी गई 5.4 की तीव्रता


जहां देश एक ओर कोरोना के दूसरे स्ट्रेन से लड़ रहा है। वही आज एक बार फिर आये भूकंप ने शहरवासियों को डरा दिया। रात 8 बजकर 49 मिनट पर आए इस भूकंप का रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 5.4 मापी गई। भूकंप का प्रमुख केंद्र सिक्किम-भूटान बॉर्डर था। इस भूकंप का असर पटना सहित कई जिलों में देखने को मिला।

खासकर सीमांचल के इलाके जिसमे भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज व मधेपुरा में लोगो ने इसे महसूस किया। यह जलजला तकरीबन 4 सेकेंड का बताया जा रहा है। इसमे किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नही आई। हालांकि पटना के बेली रोड, बोरिंग रोड, आशियाना समेत मोहल्लो में लोग घरों से बाहर दिखे।

यह भूकंप केवल बिहार में ही नही अपितु पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के कई राज्यों में भी समान रूप से महसूस किए गए। 

दूसरे राज्यो की बात करे तो सिक्किम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश दार्जिलिंग समेत उत्तर बंगाल के कई जिलों में भी यह झटके महसूस किए गए। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

भूकंप प्रभावित राज्यो के मुख्यमंत्रियों से पीएम ने की बात

बिहार समेत सिक्किम व असम के मुख्यमंत्रियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया। 

यह है साल का दूसरा भूकंप का झटका

बिहारवासियों के लिए यह साल का दूसरा भूकंप का झटका रहा। इसके पहले बीते 15 फरवरी को बिहारवासियों ने साल का पहला झटका महसूस किया था।
उस वक़्त आये भूकंप का केंद्र नालंदा से 20 किलोमीटर दूर था। संयोग की बात कहे तो फरवरी में आये भूकंप व आज के आये भूकंप का दिन एक ही रहा यानी सोमवार।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भूकंप से हुई नुकसान की अविलंब जांच की बात कही

बिहार में आये भूकंप को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए इससे हुई नुकसान की अविलंब जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र में भूकंप से किसी प्रकार की हुई क्षति का अविलंब आकलन करा लें और स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लोगों को सतर्क एवं सचेत रहने के लिए भी समुचित करवाई सुनिश्चित करें।

Friday, March 12, 2021

बिहार की राजनीति में आया नया मोड़, रालोसपा का जदयू में 14 मार्च को हो सकता है विलय


बिहार की राजनीति में कब कौन सा मोड़ हो जाएगा किसी को पता ही नहीं चलता है। राजनीतिक गलियारों में कई दिनों से जिस बात को लेकर अटकले चल रही थी उसपर पूर्ण विराम लगता नज़र आ रहा है। हम बात कर रहे है जदयू और रालोसपा के विलय की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 14 मार्च को पटना में रालोसपा का जदयू में विलय होगा, जहां इस मौके पर खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रह सकते हैं। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए रालोसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि  ‘रालोसपा ने जदयू के साथ विलय पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मंजूरी लेने के लिए 13-14 मार्च को पटना में दो दिवसीय बैठक बुलाई है।’ माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा 2020 में मिली हार के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने विलय का फैसला लिया है।

विधानसभा चुनाव में मिली थी करारी शिकस्त

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव की अगर बात करे तो रालोसपा की हालत बहुत ही बुरी रही। रालोसपा 243 सीट वाली विधानसभा में एक भी सीट हासिल नही कर सकी थी। आरएलएसपी के महासचिव माधव आनंद के एएनआई से बात करते हुए कहा कि 14 मार्च तक प्रतीक्षा करें और उसके बाद आप पार्टी के निर्णय को जान पाएंगे।

रालोसपा का 14 मार्च को हो सकता है विलय

रालोसपा का जदयू में विलय बिहार की राजनीति में एक अलग मोड़ ला सकता है। सूत्रों की माने तो यह विलय एक बड़ा प्रभाव ला सकता है। विलय की योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है और 14 मार्च को पटना में घोषित किए जाने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि यह विलय जदयू को मजबूत करेगा और राज्य की राजनीति पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

बिहार विधानसभा चुनावों में आरएलएसपी ने एक अलग गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) और मायावती की बहुजन समाज पार्टी शामिल थी। उपेंद्रु कुशवाहा ने खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया, मगर रालोसपा एक भी सीट जीत नहीं पाई।

फिलहाल जदयू के पास केवल 43 विधायक हैं और एनडीए सरकार में जूनियर पार्टनर है। 74 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी 2020 के विधानसभा चुनावों में बड़े भाई के रूप में उभरी थी।

नवंबर 2020 में नीतीश कुमार ने लगातार चौथे कार्यकाल के लिए बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। एनडीए ने 243 सीटों वाली मजबूत बिहार विधानसभा में 125 सीटों का बहुमत हासिल किया, जिसमें से बीजेपी ने 74 सीटों पर, जदयू ने 43 सीटों पर जबकि आठ सीटों पर एनडीए के दो अन्य दलों ने जीत हासिल की।

Saturday, July 25, 2020

Bihar News: बिहार की आज की प्रमुख खबरें


बिहार की आज की प्रमुख खबरें 

● मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर COVID-19 संक्रमितों की इलाज हेतु चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेडिकल कॉलेजों के अनुश्रवण की जिम्मेदारी प्रमंडलीय आयुक्त को दी गयी ताकि सुगमतापूर्वक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एवं आवश्यक सुविधाएं फंक्शनल रहें। डॉक्टर्स के रोस्टर को पब्लिक डोमेन में रखने के लिए मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और हॉस्पिटल्स के इंचार्ज को निर्देश दिया गया है ताकि लोग देख सकें कि किस डॉक्टर की किस समय पर ड्यूटी है। पेशेंट्स के साथ आने वाले अटेंडेंटस के बैठने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश दिया गया। साथ ही इंटरकॉम के माध्यम से ट्रीटमेंट के लिए प्रतिनियुक्त डॉक्टर्स या हॉस्पिटल मैनेजमेंट के लोगों से अटेंडेटस बात कर सकें, इसके लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। 

● वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयत्नशील है और सभी सार्थक पहल किये जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के माइल्ड सिम्टोमैटिक, प्री-सिम्टोमैटिक या बिना लक्षण वाले लोगों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जा रही है और साथ ही उनके स्वास्थ्य पड़ताल के लिए कर्मियों का एक दल तैनात किया गया है। जिन लोगों के घर में परिवार के अन्य सदस्यों से खुद को होम आइसोलेशन में पृथक रहने के लिए जगह नहीं हैं, उन्हें जिला स्तर पर गठित कोविड केयर सेंटर में रखने का निर्देश दिया गया है। 

● कोविड-19 संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 24 घंटे में 1,873 लोग स्वस्थ्य हुए हैं। अब तक 22,832 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ्य हो चुके हैं। और इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 66.13 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटें में 10,456 सैम्पल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 4,29,664 है। 

● बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों के बढ़ते जलस्तर से बिहार के 10 जिलों के कुल 74 प्रखंडों की 529 पंचायतें प्रभावित हुई हैं। वर्तमान में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कुल 271 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 1,15,325 लोग भोजन कर रहे हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवश्यकतानुसार NDRF एवं SDRF की टीमें प्रतिनियुक्त की गयी हैं। आपको बता दें कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को देखते हुए सभी 10 जिलों को अलर्ट किया गया है। 

● कोरोना संक्रमित मरीजों की बेहतर इलाज को लेकर गया जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत जिलाधिकारी ने शेरघाटी, टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल में क्रमश: 75 तथा 44 बेड का डेडिकेटेड कोविड हेल्थ केयर सेंटर एवं टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जो माइल्ड नेचर अथवा कम लक्षण वाले व्यक्ति हैं, वे यहां आकर आसानी से अपनी जांच और इलाज करा सकते हैं। 

● कोविड-19 संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा टेली-चिकित्सा परामर्श केंद्र की सुविधा प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं कोविड-19 के लिए कार्यरत सदर अस्पताल में जिला नियंत्रण कक्ष में हंटिंग लाइनों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है l 24 घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष से कोरोना का कोई लक्षण होने पर सैंपल और जांच, सैम्पल टेस्ट की रिपोर्ट, टेली मेडिसिन हेतु दूरभाष संख्या 9471298500 पर What Sapp/ Google Duo अथवा वॉइस कॉल के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श, होम आइसोलेशन में रहते हुए स्वास्थ्य संबंधी कोई अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही टेलीफोन कॉल के माध्यम से कोविड-19 मरीजों का फॉलोअप भी किया जा रहा है l जिला नियंत्रण कक्ष से अब तक कुल 1049 लोगों से बात की जा चुकी है l जिला नियंत्रण कक्ष दूरभाष संख्या 0612-226605051,52,54,55,56,58,59,60,61,62,63,64,65,66,67,68,69,70,71 पर संपर्क कर कोरोना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी ले सकते हैं। 

● कोविड-19 संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मुहैया कराने हेतु जहानाबाद जिला प्रशासन निरंतर प्रत्यनशील है। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी द्वारा अन्य पदाधिकारियों के साथ डेडिकेटेड कोविड सेंटर एवं सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। यहां 50 बेड, 50 ऑक्सीजन सिलिंडर एवं 20 नेब्युलाइजर के साथ DCCC कार्यरत है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मरीजों से बात की, मरीजों ने बताया कि इलाज की अच्छी सुविधा दी जा रही है। 

● अब जिले में ही कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों का उपचार सम्भव, इसको लेकर मुंगेर जिला प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्थानीय जीएनएम स्कूल स्थित आइसोलेशन सेन्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने सिविल सर्जन को जीएनएम में 50 बेड का डेडिकेटेड डिस्ट्रिक कोविड हेल्थ सेंटर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। 

● बाढ़ प्रभावित को राहत कार्य पहुंचाने को लेकर दरभंगा जिला प्रशासन तत्पर है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी ने हनुमान नगर एवं हायाघाट प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ राहत व बाढ़ निरोधक कार्यों का जायजा लिया। डीहलाही एवं पुअरिया पेट्रोल पंप के पास विस्थापित लोगों की समस्याओं का निदान किया। साथ ही अंचलाधिकारी को सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। 

● भारी बारिश से क्षेत्र में हुए जलजमाव को लेकर जल निकासी हेतु मधुबनी जिलाधिकारी ने शहर के विभिन्न कॉलोनियों एवं मोहल्ले का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों को जल निकासी का कार्य शीघ्र करने का निर्देश दिया।