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Thursday, July 15, 2021

Bihar News: अनुकंपा में नौकरी पाने वालों के लिए आई यह बड़ी खबर, बिहार सरकार ने बदले यह नियम


Bihar News: अनुकंपा में नौकरी पाने वालों के लिए आई यह बड़ी खबर, बिहार सरकार ने बदले यह नियम

बिहार डेस्क

अनुकंपा पर नौकरी पाने वालों के लिए बिहार सरकार (Bihar Government) की ओर से एक बड़ी खबर सामने आई है। बिहार सरकार (Bihar Government) ने अनुकंपा पर होने वाली नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार ने अनुकंपा वाली बहाली पर अधिकतम संख्या की सीमा को समाप्त (Max Number Exhausted) कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब बहाली जरूरत के हिसाब से की जाएगी। सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। गुरुवार को सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला गजट में भी प्रकाशित कर दिया गया है।

दरअसल सरकारी विभागों में सीट निर्धारित होने के कारण कई आश्रितों को नौकरी पाने के लिए एक लंबा इंतजार करना पड़ता था। यह समस्या बिहार सरकार के नज़र में कई दिनों से थी जिसका निवारण अब सरकार ने कर दिया है।

यही नहीं समाहरणालय लिपिकीय सेवा नियमावली सहित विभागों के नियंत्रण वाली लिपिकीय सेवा में अनुकंपा पर बहाली के लिए प्रावधान भी अलग-अलग तय किए गए थे। सरकार के पास यह मामला लंबे समय से विचाराधीन था कि सभी के लिए एक तरह का प्रावधान लागू किया जाए। सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार लिपिकीय पदों पर अनुकंपा के माध्यम से होने वाली नियुक्ति में उपलब्ध पदों के प्रतिशत का बंधन पूरी तरीके से खत्म कर दिया गया है, जो नई व्यवस्था लागू की गई है, उसके अनुसार सेवाकाल में किसी कर्मचारी के निधन होने की हालत में उसके आश्रित को निम्न वर्गीय लिपिकीय सेवा में सीधे तौर पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए आयोग की सिफारिश की भी बाध्यता नहीं होगी। इस प्रक्रिया के तहत भरे जाने वाले पदों के बाद शेष पदों के लिए ही आयोग के पास रिक्तियां भेजी जाएगी।

पटना हाईकोर्ट की सलाह पर किया बदलावा

अप्रैल महीने में लापता सरकारी सेवकों के आश्रितों को राज्य सरकार द्वारा बड़ी राहत देने की बात सामने आई थी। अब वे अपने स्वजन के लापता होने की तारीख से 12 वर्ष बाद तक अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसकी प्रति मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों के अलावा प्रमंडलीय आयुक्तों को भी दी गई है। सरकार ने लापता सेवकों को नौकरी देने के मामले में यह बदलाव पटना हाईकोर्ट की सलाह पर किया है। यह प्रभावी भी हो गया है।


Sunday, April 18, 2021

कोरोना की वजह से बिहार में नाइट कर्फ्यू का ऐलान, 15 मई तक स्कूल बंद; जानें और क्या पाबंदियां


बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नीतीश कुमार सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना से बचाव के लिए तमाम उपायों पर चर्चा की है। आज राज्य में 8,690 नए मामले मिले हैं। पिछले साल की तरह कोरोना संक्रमित मरीज मिलने वाले एरिया को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।
अस्पतालों में ऑक्सीजन मुहैया कराई जाएगी। सभी तरह की दवा का इंतजाम किया जाएगा। होम आइसोलेशन में रहने वालों की मॉनिटरिंग की जाएगी। डेडिकेटिड कोविड हेल्थ संटेर बनेगा। स्वास्थ्यकर्मियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। अनुमंडल स्तर पर क्वारंटाइन बनाया जाएगा।

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में 15 मई तक सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस अवधि के दौरान किसी भी तरह की परीक्षा नहीं ली जाएगी। सभी सिनेमा हॉल, मॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल, पार्क और उद्यान 15 मई तक बंद रहेंगे।

सूबे में रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू रहेगा। रेस्टारेंट, ढाबा और भोजनालय में बैठकर खाने पर प्रतिबंध रहेगा। रात्रि 9 बजे तक ही होम डिलीवरी का संचालन होगा। शाम को सात बजे तक ही खुली रहेंगी सब्जी की दुकानें।

सरकारी एवं निजी कार्यालय 5 बजे तक बंद हो जाएंगे। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह के सरकारी एवं निजी आयोजन पर रोक रहेगी। यह शादी और श्राद्ध कार्यक्रम पर लागू नहीं होगा। वहीं, दफन और दाह संस्कार के लिए सिर्फ 25 लोगों की अनुमति होगी।
श्राद्ध और शादी कार्यक्रम में सिर्फ 100 लोग तक अनुमति होगी। वहीं, मोहल्लावार दुकानें खोलने की अनुमति होगी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा। भीड़-भाड़ वाले मंडियों को बड़े इलाकों में स्थान्तरित किया जा सकेगा।

नगर क्षेत्र एवं प्रखण्ड मुख्यालय में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धारा 144 लगाई जा सकती है। आवश्यक सेवाओं परिवहन, बैंकिंग, डाक, स्वास्थ्य सेवा, मेडिसिन स्टोर, फायर, पुलिस, एम्बुलेंस आदि में छूट रहेगी।

Input: livehindustan.com

Monday, April 05, 2021

Earthquake: बिहार समेत देश के कई राज्यो में आये भूकंप के झटके, रिएक्टर स्केल पर मापी गई 5.4 की तीव्रता


जहां देश एक ओर कोरोना के दूसरे स्ट्रेन से लड़ रहा है। वही आज एक बार फिर आये भूकंप ने शहरवासियों को डरा दिया। रात 8 बजकर 49 मिनट पर आए इस भूकंप का रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 5.4 मापी गई। भूकंप का प्रमुख केंद्र सिक्किम-भूटान बॉर्डर था। इस भूकंप का असर पटना सहित कई जिलों में देखने को मिला।

खासकर सीमांचल के इलाके जिसमे भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज व मधेपुरा में लोगो ने इसे महसूस किया। यह जलजला तकरीबन 4 सेकेंड का बताया जा रहा है। इसमे किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नही आई। हालांकि पटना के बेली रोड, बोरिंग रोड, आशियाना समेत मोहल्लो में लोग घरों से बाहर दिखे।

यह भूकंप केवल बिहार में ही नही अपितु पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के कई राज्यों में भी समान रूप से महसूस किए गए। 

दूसरे राज्यो की बात करे तो सिक्किम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश दार्जिलिंग समेत उत्तर बंगाल के कई जिलों में भी यह झटके महसूस किए गए। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

भूकंप प्रभावित राज्यो के मुख्यमंत्रियों से पीएम ने की बात

बिहार समेत सिक्किम व असम के मुख्यमंत्रियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया। 

यह है साल का दूसरा भूकंप का झटका

बिहारवासियों के लिए यह साल का दूसरा भूकंप का झटका रहा। इसके पहले बीते 15 फरवरी को बिहारवासियों ने साल का पहला झटका महसूस किया था।
उस वक़्त आये भूकंप का केंद्र नालंदा से 20 किलोमीटर दूर था। संयोग की बात कहे तो फरवरी में आये भूकंप व आज के आये भूकंप का दिन एक ही रहा यानी सोमवार।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भूकंप से हुई नुकसान की अविलंब जांच की बात कही

बिहार में आये भूकंप को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए इससे हुई नुकसान की अविलंब जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र में भूकंप से किसी प्रकार की हुई क्षति का अविलंब आकलन करा लें और स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लोगों को सतर्क एवं सचेत रहने के लिए भी समुचित करवाई सुनिश्चित करें।

Friday, March 12, 2021

बिहार की राजनीति में आया नया मोड़, रालोसपा का जदयू में 14 मार्च को हो सकता है विलय


बिहार की राजनीति में कब कौन सा मोड़ हो जाएगा किसी को पता ही नहीं चलता है। राजनीतिक गलियारों में कई दिनों से जिस बात को लेकर अटकले चल रही थी उसपर पूर्ण विराम लगता नज़र आ रहा है। हम बात कर रहे है जदयू और रालोसपा के विलय की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 14 मार्च को पटना में रालोसपा का जदयू में विलय होगा, जहां इस मौके पर खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रह सकते हैं। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए रालोसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि  ‘रालोसपा ने जदयू के साथ विलय पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मंजूरी लेने के लिए 13-14 मार्च को पटना में दो दिवसीय बैठक बुलाई है।’ माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा 2020 में मिली हार के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने विलय का फैसला लिया है।

विधानसभा चुनाव में मिली थी करारी शिकस्त

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव की अगर बात करे तो रालोसपा की हालत बहुत ही बुरी रही। रालोसपा 243 सीट वाली विधानसभा में एक भी सीट हासिल नही कर सकी थी। आरएलएसपी के महासचिव माधव आनंद के एएनआई से बात करते हुए कहा कि 14 मार्च तक प्रतीक्षा करें और उसके बाद आप पार्टी के निर्णय को जान पाएंगे।

रालोसपा का 14 मार्च को हो सकता है विलय

रालोसपा का जदयू में विलय बिहार की राजनीति में एक अलग मोड़ ला सकता है। सूत्रों की माने तो यह विलय एक बड़ा प्रभाव ला सकता है। विलय की योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है और 14 मार्च को पटना में घोषित किए जाने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि यह विलय जदयू को मजबूत करेगा और राज्य की राजनीति पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

बिहार विधानसभा चुनावों में आरएलएसपी ने एक अलग गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) और मायावती की बहुजन समाज पार्टी शामिल थी। उपेंद्रु कुशवाहा ने खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया, मगर रालोसपा एक भी सीट जीत नहीं पाई।

फिलहाल जदयू के पास केवल 43 विधायक हैं और एनडीए सरकार में जूनियर पार्टनर है। 74 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी 2020 के विधानसभा चुनावों में बड़े भाई के रूप में उभरी थी।

नवंबर 2020 में नीतीश कुमार ने लगातार चौथे कार्यकाल के लिए बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। एनडीए ने 243 सीटों वाली मजबूत बिहार विधानसभा में 125 सीटों का बहुमत हासिल किया, जिसमें से बीजेपी ने 74 सीटों पर, जदयू ने 43 सीटों पर जबकि आठ सीटों पर एनडीए के दो अन्य दलों ने जीत हासिल की।

Saturday, July 25, 2020

Bihar News: बिहार की आज की प्रमुख खबरें


बिहार की आज की प्रमुख खबरें 

● मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर COVID-19 संक्रमितों की इलाज हेतु चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेडिकल कॉलेजों के अनुश्रवण की जिम्मेदारी प्रमंडलीय आयुक्त को दी गयी ताकि सुगमतापूर्वक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एवं आवश्यक सुविधाएं फंक्शनल रहें। डॉक्टर्स के रोस्टर को पब्लिक डोमेन में रखने के लिए मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और हॉस्पिटल्स के इंचार्ज को निर्देश दिया गया है ताकि लोग देख सकें कि किस डॉक्टर की किस समय पर ड्यूटी है। पेशेंट्स के साथ आने वाले अटेंडेंटस के बैठने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश दिया गया। साथ ही इंटरकॉम के माध्यम से ट्रीटमेंट के लिए प्रतिनियुक्त डॉक्टर्स या हॉस्पिटल मैनेजमेंट के लोगों से अटेंडेटस बात कर सकें, इसके लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। 

● वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयत्नशील है और सभी सार्थक पहल किये जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के माइल्ड सिम्टोमैटिक, प्री-सिम्टोमैटिक या बिना लक्षण वाले लोगों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जा रही है और साथ ही उनके स्वास्थ्य पड़ताल के लिए कर्मियों का एक दल तैनात किया गया है। जिन लोगों के घर में परिवार के अन्य सदस्यों से खुद को होम आइसोलेशन में पृथक रहने के लिए जगह नहीं हैं, उन्हें जिला स्तर पर गठित कोविड केयर सेंटर में रखने का निर्देश दिया गया है। 

● कोविड-19 संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 24 घंटे में 1,873 लोग स्वस्थ्य हुए हैं। अब तक 22,832 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ्य हो चुके हैं। और इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 66.13 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटें में 10,456 सैम्पल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 4,29,664 है। 

● बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों के बढ़ते जलस्तर से बिहार के 10 जिलों के कुल 74 प्रखंडों की 529 पंचायतें प्रभावित हुई हैं। वर्तमान में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कुल 271 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 1,15,325 लोग भोजन कर रहे हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवश्यकतानुसार NDRF एवं SDRF की टीमें प्रतिनियुक्त की गयी हैं। आपको बता दें कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को देखते हुए सभी 10 जिलों को अलर्ट किया गया है। 

● कोरोना संक्रमित मरीजों की बेहतर इलाज को लेकर गया जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत जिलाधिकारी ने शेरघाटी, टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल में क्रमश: 75 तथा 44 बेड का डेडिकेटेड कोविड हेल्थ केयर सेंटर एवं टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जो माइल्ड नेचर अथवा कम लक्षण वाले व्यक्ति हैं, वे यहां आकर आसानी से अपनी जांच और इलाज करा सकते हैं। 

● कोविड-19 संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा टेली-चिकित्सा परामर्श केंद्र की सुविधा प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं कोविड-19 के लिए कार्यरत सदर अस्पताल में जिला नियंत्रण कक्ष में हंटिंग लाइनों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है l 24 घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष से कोरोना का कोई लक्षण होने पर सैंपल और जांच, सैम्पल टेस्ट की रिपोर्ट, टेली मेडिसिन हेतु दूरभाष संख्या 9471298500 पर What Sapp/ Google Duo अथवा वॉइस कॉल के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श, होम आइसोलेशन में रहते हुए स्वास्थ्य संबंधी कोई अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही टेलीफोन कॉल के माध्यम से कोविड-19 मरीजों का फॉलोअप भी किया जा रहा है l जिला नियंत्रण कक्ष से अब तक कुल 1049 लोगों से बात की जा चुकी है l जिला नियंत्रण कक्ष दूरभाष संख्या 0612-226605051,52,54,55,56,58,59,60,61,62,63,64,65,66,67,68,69,70,71 पर संपर्क कर कोरोना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी ले सकते हैं। 

● कोविड-19 संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मुहैया कराने हेतु जहानाबाद जिला प्रशासन निरंतर प्रत्यनशील है। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी द्वारा अन्य पदाधिकारियों के साथ डेडिकेटेड कोविड सेंटर एवं सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। यहां 50 बेड, 50 ऑक्सीजन सिलिंडर एवं 20 नेब्युलाइजर के साथ DCCC कार्यरत है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मरीजों से बात की, मरीजों ने बताया कि इलाज की अच्छी सुविधा दी जा रही है। 

● अब जिले में ही कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों का उपचार सम्भव, इसको लेकर मुंगेर जिला प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्थानीय जीएनएम स्कूल स्थित आइसोलेशन सेन्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने सिविल सर्जन को जीएनएम में 50 बेड का डेडिकेटेड डिस्ट्रिक कोविड हेल्थ सेंटर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। 

● बाढ़ प्रभावित को राहत कार्य पहुंचाने को लेकर दरभंगा जिला प्रशासन तत्पर है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी ने हनुमान नगर एवं हायाघाट प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ राहत व बाढ़ निरोधक कार्यों का जायजा लिया। डीहलाही एवं पुअरिया पेट्रोल पंप के पास विस्थापित लोगों की समस्याओं का निदान किया। साथ ही अंचलाधिकारी को सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। 

● भारी बारिश से क्षेत्र में हुए जलजमाव को लेकर जल निकासी हेतु मधुबनी जिलाधिकारी ने शहर के विभिन्न कॉलोनियों एवं मोहल्ले का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों को जल निकासी का कार्य शीघ्र करने का निर्देश दिया।

Thursday, July 23, 2020

बाढ़ ने बिहार में मचाई तबाही, जगह-जगह टूटे बांध, हजारों गांवों में घुसा पानी


बाढ़ ने बिहार में मचाई तबाही, जगह-जगह टूटे बांध, हजारों गांवों में घुसा पानी

बिहार में बाढ़ (Bihar Flood) से हाहाकार मचा हुआ है. राज्य के कई जिले बाढ़ में पूरी तरह डुब चुके हैं.

पटना: बिहार में बाढ़ (Bihar Flood) से हाहाकार मचा हुआ है. राज्य के कई जिले बाढ़ में पूरी तरह डुब चुके हैं. वहीं गुरुवार को गोपालगंज-सारण बांध भी टूट गया, जिस कारण बरौली, सिदवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड की तरफ बढ़ते पानी से तीनो प्रखंडो के कई गांव प्रभावित होने की संभावना है.

वहीं गंडक का पानी तेजी से एनएच 28 को पार करने लगा है. जिस कारण यहां लंबा जाम लग गया है. एहतियात के लिहाज से जगह-जगह ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग की है. हालात ऐसे है कि दरभंगा शहर के बीच में बने थाने में जाने के लिए भी पुलिकर्मियों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. 

यहां पुलिस परिसर में 3-4 फीट पानी भर गया है. इस वजह से पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उनके वाहन थाना परिसर से निकल नहीं पा रहे हैं. इस वजह से जरूरी कागजात लेकर उन्हें नाव पर सवार होकर आना-जाना पड़ रहा है. चाहे छापेमारी के लिए जाना हो या गश्ती के लिए निकलना हो उनका सहारा नाव ही है.

सदर ब्लॉक, अंचल कार्यालय, पीएचसी आदि सभी जगह पानी ही पानी है. स्थानीय लोगों का भी बुरा हाल है. सभी बाढ़ से परेशान है. जानकारों की मानें तो  पिछले 30 सालों से इलाके का यही हाल है. गौरतलब है कि बिहार के कई जिलों में पिछले कई दिनों से तेज बारिश हो रही है. जिस कारण गांव से लेकर शहर तक जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया  है.

Source: Zee News

मुजफ्फरपुर: गायघाट में बोलें DM चंद्रशेखर सिंह- बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी 6 हजार रूपए की सहायता राशि


मुजफ्फरपुर: गायघाट में बोलें DM चंद्रशेखर सिंह- बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी 6 हजार रूपए की सहायता राशि

मुजफ्फरपुर : इस वक़्त की बड़ी खबर सामने आ रही है आपको बता दें कि गायघाट में डीएम चन्द्रशेखर सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने सीओ को कहां अभिलंब बाढ़ पीड़ितों की सूची उपलब्ध कराए। ताकि उन बाढ़ पीड़ितों को 6 हज़ार की सहायता राशि उपलब्ध कराए। जानकारी के अनुसार बता दें की DM ने शिवदाहा, बरूआरी, केवटसा, लदौर, बलौर निधि, जमालपुर कोदई को पूरी तरह बाढ़ प्रभावित बताया है। कांटा पिरौछा उतरी आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में चलाए जाएंगे कम्युनिटी किचन

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जगह जगह कम्युनिटी किचेन चलाए जाएंगे। जहां नांव की जरूरत हो वहां निजी नांव भी उपलब्ध कराए जाएंगे।वहीं नाविकों को सप्ताहिक पैसे की भुगतान सीओ को करने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि शिवदाहा- बरूआरी सड़क पर बहाव तेज हो गया है। जिससे आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है ।आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है।

Tuesday, July 21, 2020

21/07/2020 बिहार की आज की प्रमुख खबरें


21/07/2020 बिहार की आज की प्रमुख खबरें  

● मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। राज्य के सभी अनुमंडलों में एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा प्रारंभ कर दी गयी है। साथ ही सभी महत्वपूर्ण अस्पतालों में सहयोग के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव टीम तैनात की गयी। यह मल्टी डिसिप्लीनरी टीम है, जिसमें प्रशासन और हॉस्पिटल के लोग हैं। इससे चिकित्सकों को सहयोग मिलेगा एवं अस्पतालों का प्रबंधन और अधिक बेहतर होगा एवं लोगों की शिकायतों का भी तत्काल निवारण किया जाएगा। इस सप्ताह के अंत तक सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा प्रारंभ कराने का लक्ष्य है ताकि कोई भी सिम्टोमैटिक व्यक्ति बिना किसी समस्या के अपनी इच्छानुसार निःशुल्क जांच करा सके। 

● नेपाल एवं गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के मद्देनजर संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग एवं सभी संबंधित जिलाधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि गंडक नदी के जलश्राव वाले क्षेत्रों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों का निष्क्रमण कराकर उन्हें चिह्नित ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार रहने का भी निर्देश दिया है। 

● वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारी वर्षापात एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर जल संसाधन विभाग को भी निर्देश दिया कि विभाग अपने सभी अभियंताओं को आक्रमण्य स्थलों पर पूरी तरह अलर्ट रखें ताकि तटबंधों की पूर्ण सुरक्षा की जा सके। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि इन जिलों में पूर्व से प्रतिनियुक्त NDRF एवं SDRF की टीमों को भी पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा जाए ताकि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में आबादी का निष्क्रमण हो रहा है, उन क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी समुचित चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

● मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संभावित बाढ़ वाले जिलों में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने हेतु उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि निष्क्रमित आबादी वाले क्षेत्रों में अगर कोई कन्टेनमेंट जोन चिह्नित हो तो उनके लिए अलग से आपदा राहत केंद्र बनाकर उन्हें सहायता पहुंचायी जाए। साथ ही ऐसे लोगों को सामान्य बाढ़ पीड़ितों से पृथक रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि राहत केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से हो रहा है। 

● मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल एवं बिहार के पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने शोक-संदेश में कहा कि स्व. लालजी टंडन एक लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् थे। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। 

● कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु पटना प्रमंडलीय आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी के साथ समीक्षात्मक बैठक की तथा समुचित इलाज मुहैया कराने को लेकर आवश्यक निर्देश दिया। 

● संभावित बाढ़ पूर्व तैयारी एवं बढ़ते नदियों के जलस्तर को लेकर बेतिया जिला प्रशासन सतर्क एवं सजग है। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तटबंधों के अंदर बसे लोगों को बाहर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाय। लोगों को माइकिंग के द्वारा जागरूक किया गया तथा उन्हें सुरक्षित स्थलों पर पहुंचा गया है। आपको बता दें कि गंडक नदी में 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की संभावना को लेकर पूरे अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। 

● राज्य सरकार के विकासात्मक एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की कार्य प्रगति को लेकर किशनगंज जिला प्रशासन द्वारा लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिला समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक की। उन्होंने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन योजना, राशन कार्ड वितरण, सामुदायिक स्वच्छता केन्द्र सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों की । 

● कोरोना संक्रमितों की बेहतर इलाज उपलब्ध कराने हेतु जहानाबाद जिला प्रशासन तत्पर है। इसी के अंतर्गत जिलाधिकारी ने SC/ST छात्रावास, धनगांवा में नवनिर्मित आइसोलेशन सेन्टर का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि जिले में सिम्टोमैटिक मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर 150 बेड का आइसोलेशन सेन्टर का निर्माण किया गया है। 

● कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने को लेकर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिलाधिकारी के निर्देश पर कोरोना संक्रमित मरीजों को मेडिसिन किट देने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया हैl किट में दवाएं, 2 मास्क, क्या करें-क्या ना करें का पैम्फलेट एवं दवा उपयोग करने हेतु दिशा निर्देश की पर्ची शामिल हैl 

● कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार की रोकथाम हेतु सारण जिला प्रशासन द्वारा बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की दिशा में पहल शुरू कर दी गयी है। इसी क्रम में जिला के अस्पतालों में एंटीजन / ऑन डिमांड टेस्टिंग की शुरूआत की गयी जिससे कोरोना संक्रमित के लक्षण वाले व्यक्तियों की जल्द-से-जल्द जांच हो सके।

Source: IPRD Bihar

Sunday, July 19, 2020

तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर कसा तंज कहा कोरोना से मर रहे हैं लोग पर इन्हें वोट की चिंता


आर्या न्यूज़ लाइव, पटना
बिहार के विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में लोग कोरोना जैसी महामारी से मर रहे है और उनके नेता वर्चुअल रैली कर रहे है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि "अव्यवस्था के चलते बिहार में लोगों की तड़प-तड़प कर जान जा रही रही है।प्रशासन के महत्वपूर्ण लोग संक्रमित हो चुके है।आम आदमी की कहीं कोई सुध लेने वाला नहीं है।लोग बाढ़ से बेहाल हो मर रहे है लेकिन सूबे का जलसंसाधन मंत्री,स्वास्थ्य मंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल वर्चुअल रैली में मस्त है।"
उन्होंने लगातार चार ट्वीट कर नीतीश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपने ट्वीट के जरिये नीतीश सरकार को ग़ाफ़िल कहते हुए, लापरवाह, बेपरवाह होने के साथ ही साथ जिम्मेवारियों के सारी सीमाएं तोड़ने का आरोप लगाया।
उन्होंने इसके बाद अपनी अगली ट्वीट में नीतीश सरकार को क्रूर व असंवेदनशील बताया और यह कहा कि उन्हें जनता की नही वोट की चिंता है।
उन्होंने नीतीश सरकार की ओर से मुफ्त अनाज वितरण पर भी तंज कसा और कि सरकार मुफ्त अनाज देकर जनता को छल रही है वह फिर से घोटाला करना चाहती है।
आपको बता दे कि बिहार में कोरोना के अबतक 24,967 मामले सामने आ चुके हैं।

Tuesday, July 14, 2020

Bihar Corona Lockdown: बिहार में फिर लगा लॉकडाउन कल जारी होगी अधिसूचना

बिहार में लगा फिर से लॉकडाउन


आर्या न्यूज टीम, पटना
बिहार में बढ़ते हुए कोरोना के मामलों के बीच बिहार सरकार ने एक बार फिर पूरे बिहार राज्य में सम्पूर्ण लॉकडाउन करने का फ़ैसला किया है। नीतीश कुमार ने आज एक हाई लेबल मीटिंग बुलाई जिसमे कोरोना के बढ़ते हुए मामलो के ऊपर बातचीत हुई और बातचीत के बीच संपूर्ण बिहार में 16 जुलाई से 31 जुलाई तक सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दि गई। इसके पहले ही राजधानी पटना समेत कई जिलो में पहले ही लॉकडाउन लगा दिया गया था। उधर बैठक के बाद गृह विभाग को अधिसूचना जारी करने का आदेश दे दिया गया है। अधिसूचना के मुताबिक 17 जुलाई से राज्य में पाबंदी लागू रहेगी। मंगलवार को सरकार ने आलाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय़ लिया है। इस बैठक में राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों की समीक्षा के बाद अंतिम तौर पर लॉकडाउन पर सहमति बनी है और आदेश दे दिया गया है। 

बिहार में इस लॉकडाउन में क्या खुलेगा क्या बन्द रहेगा 

बिहार में लॉकडाउन की घोषणा के बाद पीआरडी के सचिव अनुपम कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए जानकारी दी कि राज्य मुख्यालय, जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय और सूबे के सभी नगर निकायों में 16 से 31 जुलाई तक लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान रेलवे और विमान सेवा जारी रहेंगी। बसों का परिचालन बंद रहेगा। ऑटो, टैक्सी और रिक्शा का परिचालन बंद नहीं रहेगा। गृह विभाग इस संबंध में शीघ्र ही अधिसूचना जारी करेगा। 16 जुलाई से लगने जा रहे लॉकडाउन के दौरान इमरजेंसी सेवा को छोड़कर परिवहन सेवा, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल पूरी तरह से बंद रहेंगे। वहीं सब्जी और फलों की दुकानें सुबह और शाम को खुलेंगी लेकिन यदि किसी दुकानदारों को यह ध्यान रखना होगा कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है या नहीं। राज्य की सीमाएं पूरी तरह से सील रहेंगी। बिहार की सीमा में आने जाने के लिए पास की जरूरत होगी।



इस बीच बिहार गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पिछले दो दिनों से राज्य में रोज एक हजार से अधिक कोरोना संक्रमित राज्य में मिले हैं। हालांकि बिहार में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने का दर अभी 71 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अच्छा है। वहीं, 12,364 कोरोना के मरीज ठीक होकर घर भी चले गए हैं।

बिहार भाजपा ऑफिस में भी कोरोना ने दी दस्तक, 24 संक्रमित मिले


राजधानी पटना के बिहार भाजपा ऑफिस के 24 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मंगलवार बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 110 लोगों का सैम्पल लिया गया था जिसमें 24 की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

PMCH के कोरोना संक्रमित डॉक्टर की मौत, पटना एम्स में चल रहा था इलाज



राजधानी पटना से एक बड़ी खबर आ रही है, जहां पीएमसीएच के डॉक्टर की कोरोना से इलाज के दौरान पटना एम्स में मौत हो गई है। पीमसीएच के ईएनटी विभाग में पदस्थापित डॉक्टर एन के सिंह कुछ दिन पहले कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें आइसोलेट कर दिया गया था। एन के सिंह की हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने पटना एम्स रेफर कर दिया और वहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। 

बिहार सरकार के मंत्री सहित 1116 नए कोरोना संक्रमित मिले


बता दें कि सोमवार को बिहार सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वह दो दिन पहले जमालपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर लौटे थे। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य के  सभी 38 जिलों में सोमवार को 1116 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई। इसके साथ ही, राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 17,421 हो गयी। वहीं, राज्य में एक डॉक्टर की भी संक्रमण से मौत हो गई। राज्य में कोरोना संक्रमण से किसी डाक्टर की मौत का यह पहला मामला है। एम्स, पटना के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 54 वर्षीय डॉ अश्वनी नंदकुलियार की मौत हो गयी। वे गया में जेनरल फिजिशियन थे और निजी क्लीनिक चलाते थे। इसके साथ ही 9 संक्रमित मरीजों की मौत हो गयी।

आज शाम 4 बजे तक क्या रहा बिहार में कोरोना का आंकड़ा




विगत 24 घंटे में कुल 10018 सैम्पल की जांच हुई है।
अबतक कुल 13019 मरीज ठीक हुए हैं। वर्तमान में COVID19 के active मरीजों की संख्या 5690 है।
बिहार में कोरोना मरीजों का रिकवरी प्रतिशत 69.06 है।

Saturday, July 04, 2020

विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह पाए गए कोरोना पॉजिटिव


विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह पाए गए कोरोना  पॉजिटिव 
पटना, एएन डेस्क

कोरोना महामारी से आज पूरा विश्व तबाह है। इसने आम लोगों का जनजीवन ही नही अपितु खास लोगो के जीवन को भी निशाना बना रखा है। भारत मे कई बड़े लोग इसके लपेटे में आ चुके है। बिहार का राजनीतिक गलियारा भी इस महामारी से अछूता नही रहा है। बिहार में कोरोना को लेकर के एक बड़ी खबर आई है। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनके परिवार के कई और अन्य सदस्य भी पॉजिटिव पाए गए हैं। वही बता दे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 जुलाई को एक मंच साझा किया था जिनके ठीक  बगल में  में विधान परिषद सभापति मौजूद थे। वहीं अवधेश नारायण सिंह के बगल में विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी भी मौजूद थे। बिहार में अब तक कई नेता संक्रमित हो चुके हैं। इनमे राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद यादव, मंत्री विनोद सिंह, विधायक जीवेश मिश्रा और औरंगाबाद से कांग्रेसी विधायक आनंद शंकर शामिल है इसमें रघुवंश प्रसाद यादव व विनोद सिंह ठीक हो चुके हैं। जानकारी के लिए बता दें कि कार्यकारी सभापति के अलावा उनकी पत्नी एवं उनके अन्य सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुल 7 लोग पॉजिटिव मिले हैं, जबकि परिवार के दूसरे लोग और दूसरे करीबियों की रिपोर्ट का इंतजार अभी बाकी है। परिवार के करीबियों ने बताया कि सभी को पटना एम्स में भर्ती कराया गया है और इलाज चल रहा है।